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July 25, 2012
हरियाणा के तीन जिलों नामतः मेवात, पलवल एवं फरीदाबाद में लोगों को उनके घरद्वार पर ही टीकाकरण सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए ‘टीकाकरण एक्सपै्रस’ नामक एक नई टीकाकरण योजना क्रियान्वित की जाएंगी। इन जिलों में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और सुदृढ़ करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा हरियाणा सरकार की इस नई योजना को अनुमोदित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव श्रीमती नवराज संधू ने सिविल सर्जनों की आज समाप्त हुई दो दिवसीय समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह योजना इन जिलों की मलीन बस्तियों, निर्माण स्थलों और ईंट भट्ठा क्षेत्रों में भी शतप्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करेगी। इस योजना के तहत विशेषरूप से टीकाकरण की सुविधाओं और आवश्यक स्टॉफ से लैस वैनस को दिन के समय टीकाकरण के लिए गांवों में भेजा जाएगा और ये वैनस क्षेत्र में शून्य से पांच वर्ष की आयु वर्ग के सभी उपलब्ध बच्चों का टीकाकरण करने के उपरान्त उसी दिन सांय लौटेंगी। उन्होंने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्घता को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह नई योजना मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की दिशा में एक और कदम सिद्घ होगी। स्वास्थ्य विभाग वर्ष 2015 तक मातृ मृत्यु दर को प्रति एक लाख गर्भवती महिलाओं पर 153 से कम करके 94 तक और इसी अवधि के दौरान शिशु मृत्यु दर को प्रति हजार जीवित जन्म पर 48 से कम करके 32 तक लाने के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने उनका आह्वान किया कि वे बेहतर प्रबंधन के लिए सूक्ष्म मुद्दों पर ध्यान दें। सूक्ष्म मुद्दों पर विशेष ध्यान देने वाले स्वास्थ्य संस्थान स्वास्थ्य संकेतकों के संदर्भ में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सिविल सर्जनों से कहा कि वे मुख्यालयों पर आवश्यक आधारभूत संरचना के लिए अपनी मांग भेजें ताकि सरकार द्वारा इस कार्य के लिए बजट आवंटित किया जा सके। श्रीमती संधू ने कहा कि 180 नए डॉक्टर शीघ्र ही अपना कार्यभार सम्भाल लेंगे। इन डॉक्टरों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भेजने से पहले उन्मुखीकरण के लिए सिविल अस्पतालों में तैनात किया जाएगा। अर्ध-चिकित्सकीय स्टाफ की भर्ती के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 170 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सहायक पर्यवेक्षण प्रणाली के तहत एकत्रित किए गए विश्लेषण आंकड़ों को नीचले स्तर पर आधारभूत संरचना तथा सेवा निष्पादन को और सुधारने के लिए साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं के महा निदेशक डॉक्टर नरवीर सिंह ने कहा कि अस्पतालों में उपलब्ध प्रयोगशाला सुविधाओं को सुधारे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रयोगशाला सुविधाओं की समीक्षा करने और सुधार के उपाय सुझाने के लिए एक कमेटी गठित की गई है। बैठक में मिशन निदेशक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन; महा निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं; निदेशक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन; प्रधान चिकित्सा अधिकारी और उप सिविल सर्जन भी उपस्थित थे।
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